आपने कई बार
ऐसे लोग देखे
होंगे, जिन्हें बार
बार आईना देखने
की आदत होती
है। चाहे कहीं
भी जाए वे अपने आप
को आईने में
निहारना नहीं भूलते
और वे ऐसा एक बार
नहीं बल्कि कई
बार करते हैं।
अगर आप भी इन्हीं में
से एक है तो ये
आपके लिए है।
चाहे ऑफिस के
लिए तैयार होना
हो या फिर पार्टी में
जाना कई लोगों
को आईने में
खुद को निहारते
की आदत होती
है, लेकिन क्या
आप जानते है
कि आपकी ये आदत एक
भयंकर मानसिक बीमारी
की ओर इशारा
करती है।
जी हां एक
रिसर्च में ये बात पता
चली है कि शीशे के
सामने दिन में अनेकों बार
जाकर अपने शरीर
और चेहरे को
देखना और फिर भी संतुष्ट
न होना एक तरह की
मानसिक बीमारी है,
जिसे ओसीडी स्पेक्ट्रम
डिसऑर्डर के नाम
से जाना जाता
है और यही नहीं त्वचा
को खींचना बालों
को नोचना या
तोड़ना इसी बीमारी
के लक्षण हैं।
किसी विद्वान ने सच की कहा
है की अति हर चीज
की बुरी होती
है, अब वो चाहे कोई
बुरी आदत हो या अच्छी
ऐसे हाल में नुक्सान दोनों तरह
से पक्का होता
है।
इसीलिए आप जितनी
जरुरत हो सिर्फ
उतना ही आईना देखे, मगर
ज्यादातर लोग इसके
उलट घंटो तक शीशा लेकर
बैठे रहते और अपनी सूरत
को निहारते रहते
हैं जिससे उन्हें
इसकी आदत लग जाती है
और धीरे धीरे
इस गंभीर बिमारी
में बदल जाती
है जो आपके लिए बिलकुल
भी ठीक नहीं
है।

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